इंतजार कितना मुश्किल होता है ना। अगर वो कुछ
कुछ पलो का हो या कुछ घन्टो का तो हम जैसे-तैसे
समय काट ही लेते है लेकिन अगर वो कुछ सालो का
हो तो बिल्कुल आसान नही होता। पर ना चाहते हुए भी कभी-कभी हमारे पास यही एक रास्ता रह जाता है। इंतजार इंतजार और बस इंतजार।
जैसे ही सुबह का अलार्म बजता है मेरा घर में ही दौड़
लगाना शुरू हो जाता है माँ को पूज करनी होती है तो
पूजा की तैयारी करने में मैं उनकी मदद करती हूँ पापा
को पौधे लगाना पसन्द है उन्होंने कई अलग-अलग
किस्म के गुलाब के पौधे लगा रखे है पौधों की देख
रेख करने में मैं पापा की हेल्प करती हूँ। फिर घर का
काम जोकि मुझे 10 बजे से पहले ही खत्म करना होता
है जिसमे माँ भी मेरी मदद करती है मुझसे ज्यादा उन्हें
फिक्र होती की मैं कॉलेज के लिए लेट ना हो जाऊ। माँ
और पापा दोनो ही मुझे बहुत प्यार करते है और मेरी
फिक्र भी। वो पूरी कोशिश करते है की मुझे अकेलापन
महसूस ना हो उनकी इस कोशिश को देखते हुए मैं भी
उन्हें अपने मन की बात जाहिर नही होने देती और हर पल उनके साथ खुशी से रहती हूँ।
आज बहुत दिनों बाद रेशमा से बात हुई पिछले दिनों
को याद कर खूब हँस रहे थे हम दोनो। लेकिन जैसे ही
उसने रुपद का जिक्र किया मैं आगे कोई बात ही नही कर पाई। मैंने फोन रख दिया और कुछ पुरानी तस्वीरे
निकाल कर देखने लगी इन तस्वीरों में कुछ तस्वीरे
तब की भी है जब हम सारे कॉलेज फ़्रेंड साथ में पिकनिक पर गए थे खूब घूमे थे हम सब उस दिन।
बारिश का मौसम , खूबसूरत जगह, पौधों की पत्तियों
पर ठहरा हुआ पानी ,सब कुछ बहुत अच्छा लग रहा था। और साथ में हम सब की मौज़ मस्ती जो मन को और प्रसन्न किये जा रही थी सच में दोस्तो के साथ घूमने जाने का मजा ही कुछ और होता है।
लेकिन उस दिन जो सबसे ज्यादा खास हुआ वो ये
कि रुपद ने मुझे प्रपोज किया और मैने हाँ कह दिया।
हमारे प्यार की ये गाड़ी दो साल चली और फिर
अपने आखरी स्टेशन पर पहुँच गई यानी के शादी।
वैसे रुपद के माता पिता को मैं ज्यादा पसन्द नही आई
लेकिन फिर भी उन्होंने हमारा रिश्ता स्वीकार कर
लिया और हम साथ में रहने लगे तब तक हमारी जॉब भी लग गई। मैं प्राइवेट कॉलेज में बतौर टीचर जॉब करने लगी और रुपद की जॉब एक कम्पनी में लगी।
रुपद जितना मुझे प्यार करते है उतना ही प्यार मैं भी उन्हें करती हूँ शादी को 6 महीने होने जा रहे थे।
इन 6 महीनों में हमारा रिश्ता और भी मजबूत हो गया
और रुपद के घर वाले से भी मेरा रिश्ता धीरे-धीरे जुड़ने लगा था मैंने सोचा नही था के रुपद इतने केयरिंग होंगे लेकिन शादी के बाद मुझे एहसास हुआ की वो मेरी कितनी परवाह करते है रुपद को सरप्राइस
देना बड़ा अच्छा लगता है वो मुझे कुछ न कुछ
सरप्राइस देते रहते है मैं भी उनके लिए शायरियां
लिखती हूँ और फिर उन्हें सुनाती हूँ मुझे शायरियां
पसन्द है उनका मन हो न हो पर वो मेरा मन रखने के
लिए मेरी शायरियां जरूर सुनते है और फिर तारीफ
करते है जोकि मुझे सुनकर बड़ा अच्छा लगता है।
सन्डे को हम सब घर में ही थे मैंने रुपद के पसन्द का ही
नाश्ता बनाया था उस दिन रुपद ने एक और सरप्राइस
दिया रुपद ने बताया उनका प्रमोशन हो गया है रुपद
का सपना था की वो एक बड़ी कम्पनी में जाये जहाँ वो
अपनी काबिलियत को साबित कर सके और आज वो
मौका उन्हें मिला। रुपद के इस सरप्राइस ने माँ और
पापा के साथ मुझे भी उदास कर दिया। सबका एक
सपना होता है अपने करियर को लेकर रुपद का वही सपना पूरा होने जा रहा था जिसमे में मैं रुकावट नही बनना चाहती थी रुपद ने मुझसे कहाँ भी के अगर
मेरा मन नही है तो वो नही जायेंगे पर मैंने उन्हें नही रोका बस रात भर जाग कर उन्हें देखती रही और सोच रही थी इतने दिनों में मुझे रुपद की कितनी आदत सी हो गई है कैसे रहूंगी मैं इनके बगेर यही सोचते हुए मेरी आँख लग गई और मैं सो गई। दो दिनो के बाद रुपद चले गये। रुपद 5 साल के लिए विदेश गये थे पर वँहा की कम्पनी को उनका काम पसन्द आया इसलिए वो दो साल और वहाँ रुक गये।7 साल हो गए उन्हें गये हुए। इन 7 सालो में मेरा रिश्ता माँ पापा के साथ बहुत गहरा हो गया है बस कमी है तो रुपद की। मैं हर पल
उन्हें याद करती हूँ माँ पापा के साथ-साथ मैं भी उनका
बेसब्री से इंतजार कर रही हूँ रुपद से फोन पर बात होती रहती है पर सिर्फ फोन पर बात करने से ही मेरे मन
को सुकुन नही मिलता साथ होने वाली बात अलग होती है। आज मैं भले ही घर वालो के साथ हँसते मुस्कुराते रहूँ पर मुझे उनकी कमी महसूस होती है और मैं अकेले में रो भी लेती हूँ। जब मैं किसी जोड़े को
साथ- साथ घूमते हुए हँसते हुए देखती हूँ तब मुझे रुपद की याद आ जाती है और मैं यही सोचती हूँ की वो कब
आएंगे ये इंतजार कम खत्म होगा और कब हम भी ऐसे साथ में मुस्कुरायेंगे। ये 7 साल बड़ी ही मुश्किल
से मैने उनके इंतजार में बिताये है। अब मन बस यही कहता है की ये इंतजार अब जल्दी खत्म हो जाये और
रुपद वापस आ जाये।
तेरी यादे कर रही है बेकरार
हर लम्हे में है तेरा इंतजार
खामोश मन की सुन ले पुकार
तन्हा दिल को है तेरा इंतजार

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