लाल गुलाब



हवाओं में हल्की- हल्की ठंड के साथ धीमे- धीमे प्यार की महक भी फैल रही थी महीना फरवरी का और सप्ताह वेलेंटाइन्स का। इस समय प्यार का बुखार बहुत तेजी से फैलता है काफी लोग इसकी चपेट में आ जाते है इसलिए भारी संख्या में इसके मरीज गिफ्ट शॉप पर नजर आते है और सबसे ज्यादा बुके शॉप पर सबका लक्ष्य लाल गुलाब।
मुझे इंफेक्शन बहुत जल्दी हो जाता है जरा मौसम बदला नही की उसका असर मुझ पर दिखने लगता है। मैंने काफी कोशिश की बचने की पर हवाओं के जरिये बुखार मुझ तक पहुंच ही गया और आखिरकार मैं बीमार हो ही गया। सब की तरह हम भी हो गए प्यार के मरीज़। बीमार भले ही हम है पर दवाई हमे हमारी प्रेमिका के लिए लेना है वो है वेलेंटाइन का गिफ्ट।
इसलिए हम भी आ पहुंचे गिफ्ट शॉप पर और एक बड़ा ही खूबसूरत सा गिफ्ट मैंने अपनी प्रेमिका के लिए ले लिया।
गिफ्ट तो ले लिया पर सबसे खास चीज़ जिसके बिना वेलेंटाइन्स डे मनाया ही नही जा सकता नही - नही मैं साथी की बात नही कर रहा हूँ मैं तो बात कर रहा हूँ लाल गुलाब की। वो लाल गुलाब जिसका इस दिन बड़ा ही महत्व है। एक दूसरे को लाल गुलाब देकर ही प्रेमी अपने प्यार का इज़हार करते है। इसलिए आज के दिन तो फूल वाले भईया की लॉटरी ही लग जाती है अरे जितने गुलाब साल भर में भी नही बिकते होंगे उतने इस एक दिन में बिक जाते है।
बड़ी भीड़ होती है फूल वाले भैया की शॉप पर इस दिन। समस्या ये है कि मैं जहाँ रहता हूँ उस इलाके में फूलो की एक ही शॉप है जोकि बहुत बड़ी भी नही है। अगर मुझे गुलाब का फूल लेना है तो कल सुबह जल्दी उठना होगा। तो ही में गुलाब हासिल कर पाऊंगा। सुबह जल्दी उठ तैयार हो मैं घर से निकल ही रहा था कि दादाजी ने आवाज लगा दी और अपना एक काम मुझे सौप दिया अब न भी नही कर सकता था मैंने बड़े ही जल्दी- जल्दी दादाजी के दिये काम को पूरा किया और भाग निकला घर से। तेज़ रफ़्तार में गाड़ी चलाकर मैं शॉप पर पहुंचा शॉप पर रखे गुलाब देखकर मेरी आँखों को जरा सुकून मिला जोकी कुछ ही पल में ही छू हो गया जब पता चला कि ये सारे गुलाब बिक गए है मैंने भईया से रिक्वेस्ट की के वो बस एक गुलाब का फूल मुझे देंदे। पर कुछ न हो सका क्योंकि वो सारे फूल किसी ने खरीद लिए थे।
अगर आज मैं राधिका के लिए गुलाब नही ले गया तो वो नाराज़ होकर बैठ जाएगी। अब एक ही रास्ता है पड़ोस वाली आंटी के यहां गुलाब के कई पौधे है। वहीं से फूल चुराना पड़ेगा। प्यार की खातिर सब करना पड़ता है चोरी भी। मैं कुछ बहाना बना आंटी के घर जा पहुंचा। पहुंच तो गया था पर फूल कैसे लूँ मैंने कोशिश तो बहुत की के कैसे भी कर फूल चुरा लूं पर जब भी उठकर फूलो के पास जाता आंटी कुछ न कुछ बात करने लगती और मैं वही रुक जाता। बड़े जतन के बाद भी मैं फूल नही ले सका।
अब बस जो गिफ्ट मैंने राधिका के लिए लिया है वही लेकर
मैं राधिका से मिलने जा रहा हूँ वो थोड़ा नाराज तो होगी पर सच कहूँ तो मुझे भी थोड़ा बुरा लग रहा है लाल गुलाब का फूल है तो एक फूल ही पर फिर भी ये बहुत खास है क्योंकि
बस इस एक फूल से बिना कुछ कहे हम अपना प्यार जाहिर कर देते है मैंने अभी तक जितने भी गुलाब के फूल राधिका को दिये है वो सब उसने सम्हालकर रखे हुए है क्योंकि उन फूलो से उन बीते पलों के एहसास जुड़े हुए है। जो हमने साथ मे बिताये है।
मैं जब भी उसे फूल देता हूँ तो उसका चेहरा भी गुलाब की तरह खिल उठता है पर आज ऐसा शायद न हो पाए। मैं मन ही मन अफ़सोस करते हुए मिलन रेस्टोरेंट पहुंच गया। राधिका अभी नही आई थी पर कई कपल्स मुझे यहां नजर आ रहे थे
मैं पार्किंग एरिया में ही रुककर राधिका का इंतज़ार करने लगा
तभी मेरी नजर एक बुके पर पड़ी शायद कोई जल्दबाज़ी में ये बुके गाड़ी पर ही रखकर भूल गया। बुके देखते ही मेरे मन मे
ख्याल आया कि इस बुके में कई सारे गुलाब है अगर एक कम भी हो गया तो क्या किसी को पता चलेगा बस तो फिर देर न करते हुए मैंने जल्दी से एक गुलाब निकला और मुड़कर जैसे ही थोड़ा आगे बढ़ा राधिका सामने आकर खड़ी हो गई बड़े ही प्यार से हैप्पी वेलेंटाइन्स डे कहते हुए मैंने राधिका को गुलाब दे दिया। वो बड़ी ही खुश हुई और मैंने मन ही मन उसे शुक्रिया कहा जिसका वो बुके थे।
आगे जो हुआ वो बड़ा ही कमाल हुआ राधिका उस गाड़ी के पास गई जहां बुके रखा था वो बुके उठाकर लाई और बड़े ही खुश होते हुए उसने मुझे वो बुके दिया और कहा हैप्पी वेलेंटाइन्स डे माय डियर। वो बुके राधिका का ही था मैंने उसी के बुके से रोज़ निकालकर उसे ही दे दिया। खैर जो भी हुआ 
आखिरकार मैंने लाल गुलाब राधिका को दे ही दिया।






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