कभी खुशियों से भरी तो कभी आँसुओ से भीगी कुछ ऐसी हैं जिंदगी।
ज़िन्दगी आसान नही है पर मुश्किल भी नही है हाँ इसके रास्ते टेढ़े मेढ़े जरूर है पर कठनाइयों के साथ ही सही हम इन्हें पार कर ही लेते है।
मुश्किलों से घबराना नही चाहिए न ही उनसे दूर भागना चाहिए। ये मुश्किले तो इस ज़िन्दगी का हिस्सा है दरसल ये एक नया रास्ता है जैसे सड़क के रास्ते बदलते रहते है कभी दांये मुड़ते है तो कभी हम बाएँ मुड़ते है ऐसे ज़िन्दगी के रास्ते भी बदलते रहते है कभी
खुशियों भरे रास्ते होते है तो कभी गम भरे। चलना तो हमे दोनो पर ही पड़ता है। जब चलना तय है तो क्यों ना मुस्कुराकर चले। ये गम ये खुशी तो ज़िन्दगी के खेल है और खेल में तो मज़ा आता है। इसलिए जिंदगी जो भी है जैसी भी है उसे पूरे दिल से जिओ। क्योंकि ये लगती भले ही लम्बी है पर अगर सोचा जाये तो ये बस एक पल की ज़िन्दगी है। जिन पलो में हम अपनो के साथ हो दिल खोलकर मुस्कुरा रहे हो बस वही पल ज़िन्दगी है। बस एक पल जिंदगी है। बाकी की तो दौड़ है कुछ हासिल करने की, कुछ पाने की , खुशियों को अपने जीवन में लाने की दौड़।
मैंने बचपन से ही अपने पापा को मेहनत करते देखा है। वो दिन - रात काम में लगे रहते थे। और हर वक्त किसी न किसी परेशानी में उलझे रहते थे उन्होंने हमे कभी किसी चीज़ की कमी महसूस नही होने दी हमारे बिना कहे वो सब मिल जाता था जिसकी हमे जरूरत होती थी। पर कुछ था जिसकी कमी रह गई वो था उनका साथ। मैं यही सोचता रहता था के पापा हमारे साथ अपना वक्त बिताये हमसे बाते करें हमारे साथ खेलें पर ऐसा मुश्किल से ही हो पाता था वो जब मेरे लिए चॉकलेट लाते थे तो मैं खुश होता था पर उससे ज्यादा खुश में इस बात से होता की वो मुझे गोद में उठाकर प्यारी- प्यारी बातें किया करते थे कुछ पलो के लिए ही सही मेरे पापा मेरे साथ होते थे।
आगे भी ऐसा ही चलता रहा वो दिन ब दिन बिज़ी होते गये। अब तो मेरे स्कूल फंक्शन में भी मम्मा अकेले ही आती थी। पापा तरक्क़ी की के रास्ते पर आगे बढ़ते जा रहे थे और जिंदगी की छोटी- छोटी खुशियों से दूर होते जा रहे थे। उन्होंने कभी खुद को भी वक्त नही दिया की दो पल बिना किसी फिक्र के, जो उनका मन चाहता है वो करें , एक पल खुदके लिए भी जियें।
पापा ने अपना सारा जीवन खुद को काम में बिज़ी रखकर ही बिता दिया।
पर मैंने ऐसा नही किया। मैं अपना काम पूरी लगन से करता हूँ पर उसके साथ ही मैं कुछ समय अपने अपनो को भी देता हूँ उनके साथ वक्त बिताता हूँ उनकी बातो को सुनता हूँ अपनी कुछ बाते शेयर करता हूँ उनके साथ मुस्कुराता हूँ। पल खुशी के हो या गम के मैं उनके साथ उस पल को साझा करता हूँ। साथ ही मैं अपने आपको भी वक्त देता हूँ मेरा दिल जो चाहता है मुझे जो पसन्द है मैं वो करता हूँ मैं इन कुछ पलो को ऐसे
जीता हूँ जैसे इसी में पूरी ज़िन्दगी समाई हो। मैं अपनी पूरी ज़िन्दगी काम के पीछे दौड़ते हुए या फिक्र करते हुए नही बिताना चाहता मैं कुछ पल ठहरना चाहता हूँ
बेपरवाह होकर जीना चाहता। हमारी लाइफ कितनी लम्बी या छोटी है हम नही जानते। आने वाला कल कैसा है हम ये भी नही जानते हम बस अपने आज को जानते है इसका मतलब इसी पल में ही सब कुछ है हमारे आज को ही हम अच्छे से जीयें इस पल में ही है जिंदगी।
बस एक पल ज़िन्दगी है।

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